नई दिल्ली: केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) में नियुक्ति और जिम्मेदारियों को लेकर एक अहम प्रस्ताव सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, असिस्टेंट कमांडेंट (AC) की जगह इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों को कंपनी कमांडर की जिम्मेदारी देने पर विचार किया जा रहा है।
यह प्रस्ताव ऐसे समय में सामने आया है जब CAPF के विभिन्न बल—BSF, CRPF, CISF, ITBP और SSB—में कैडर अधिकारियों के बीच लंबे समय से पदोन्नति और कार्य व्यवस्था को लेकर चर्चा चल रही है। हाल ही में एक वायरल संदेश में इस बदलाव की जानकारी सामने आई है।
चुनावी ड्यूटी से जुड़ा मामला
बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के दौरान ड्यूटी व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह प्रस्ताव सामने आया है। इसके तहत असिस्टेंट कमांडेंट की जगह इंस्पेक्टर को कंपनी कमांडर की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
क्या है प्रस्ताव का तर्क
सूत्रों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर बढ़ते दबाव और सुरक्षा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए यह कदम उठाने पर विचार किया जा रहा है। इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग और कार्यकुशलता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
अधिकारियों में मतभेद
हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर अधिकारियों के बीच अलग-अलग राय है। कुछ का मानना है कि यह केवल अस्थायी व्यवस्था हो सकती है, जबकि अन्य इसे CAPF कैडर में चल रहे आंतरिक विवाद से जोड़कर देख रहे हैं।
भर्ती प्रक्रिया में बदलाव संभव
सूत्रों का यह भी कहना है कि असिस्टेंट कमांडेंट (AC) पद पर सीधी भर्ती के बजाय इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों को अवसर देने पर विचार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य चयन प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखना और किसी भी प्रकार की बाधा से बचना है।